Saturday, 21 May 2016

क्या दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिल सकता है ?


क्या दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिल सकता है ?


दिल्ली MCD चुनावों के नतीजे आते ही दिल्ली के मुख्यमत्री अरविन्द केजरीवाल जी ने दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने की मांग की है, आपको याद होगा आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में 70 वादे किये थे जिनमे दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने का भी वादा शामिल था। अब तक बीजेपी और कांग्रेस भी चुनावों में दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने की बात कर चुके है लेकिन अब तक कोइ भी दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा नही दिला पाया।

क्या दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाया जा सकता है ?

दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाना असम्भव तो नही है लेकिन भारतीय संविधान को देखते हुवे असम्भव के बराबर ही लगता है। दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने की बात पहली बार नही हो रही पहले भी ये मुद्दा कई बार उठ चूका है पहले भी इस मुद्दे पर कई बार जाँच कमेटिया बैठाई गई लेकिन अंत में जाँच कमेटियो ने भी इस बात को माना की दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा नही दिया जा सकता, क्युकी दिल्ली को अभी केंद्र सरकार ही चला रही है। अगर भविष्य में कभी दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिल जाता है तो दिल्ली की पूरी सुरक्षा की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की होगी अगर कभी दिल्ली में आतंकवाद का हमला हो जाता है तो दिल्ली को सेना नही दी जाएगी उसको दिल्ली पुलिस से ही काम चलाना होगा।
संसद भवन, प्रधानमंत्री आवास, अम्बैशी और  सारे मंत्रालय दिल्ली में ही है, तथा विदेशी मेहमान भी दिल्ली में ही आते है जिनकी सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है।
दिल्ली देश की राजधानी है और राजधानी पर केंद्र का भी अधिकार होता है तो इसको पूर्ण राज्य कैसे बनाया जा सकता है।
अगर दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिल भी जाता है तो दिल्ली सबसे महंगा सहर हो जायेगा क्युकी फिर दिल्ली सरकार को अपना 90% बजट खुद ही इकट्टा करना होगा तथा केंद्र से दिल्ली को केवल 10% ही बजट मिलेगा जैसा की और राज्यों में होता है। अभी दिल्ली का बजट लगभग 37 हज़ार करोड़ रूपये है, अगर ऐसा होता है तो दिल्ली को खुद ही अपना बजट इकट्टा करना होगा जो की 20 से 25 हज़ार करोड़ ही इकट्टा किया जा सकता है जिससे की दिल्ली की आपूर्ति नही होगी और दिल्ली सरकार  को मजबूरन दिल्ली की जनता पर टेक्स बढ़ाने होंगे।

अगर दिल्ली पूर्ण राज्य बनती है तो दिल्ली सरकार के कर्मचारियों को नहो मिलेगा महंगाई बत्ता 

जैसा की अभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों को और दिल्ली सरकार के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता मिलता है अगर दिल्ली पूर्ण राज्य बन गया तो ये भत्ता मिलना भी बंद हो जायेगा जैसा की और राज्यों में नही मिलता।

क्यों चाहते है केजरीवाल दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाना।

केजरीवाल जी के वादो पर नजर डालें तो उन्होंने अपने वादों में दिल्ली में नये स्कूल, कोलेज और हॉस्पिटल खोलने का वादा किया था लेकिन ये सब करने के लिए दिल्ली को जमीन की जरुरत पड़ेगी जो की केंद्र के पास है।
2012 निर्भया केस के बाद उठा पूर्ण राज्य का मुद्दा दिल्ली सरकार के पास पुलिस का ना होने से उठा था तो केजरीवाल चाहते है की दिल्ली की पुलिस पर उनका अधिकार हो जिससे की वो दिल्ली वालो को सुरक्षा दे सकें। केजरीवाल जी चाहते है की DRDO को भी संसोधित किया जाय और इसके अधिकारों को बदला जाय। दिल्ली के राज्यपाल के भी अधिकार सिमित कर दिए जाय। दिल्ली की कानून व्यवस्था को बदलने का पूर्ण अधिकार दिल्ली सरकार के पास हो।
वैसे इन सब बातो के देखते हुवे दिल्ली का पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना थोडा मुस्किल नजर आता है, अगर बीजेपी कांग्रेस इस मुद्दे पर साथ देते है तो भी इस बिल को संसद में पास करना आसान नही होगा क्युकी इस बिल को संसद में पास करवाने के लिए एक तिहाई बहुमत की जरुरत पड़ेगी अगर बीजेपी कांग्रेस मान भी जाती है तो बाकी की पार्टी मानेंगी या नही ये देखने वाली बात होगी।
अब ये मुद्दा कहा जाकर खत्म होता है ये देखना बड़ा दिलचस्प होगा।
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